RESIST FASCIST TERROR IN WB BY TMC-MAOIST-POLICE-MEDIA NEXUS

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Saturday, June 23, 2018

In truth, the US knew exactly what the Wahhabis, Muslim Brotherhood, Mujahideen and Taliban were like, and the consequences of supporting them. It didn’t care or, more likely, it didn’t mind. They were an effective antidote to the appeal of secular nationalists and communists, so they were used. The US also likes that Islamists tend to be state capitalists, opposing – in principle – class-based politics. Islam is a pro-capitalist religion and the perfect foil to secular socialism.

In almost every country where the US now claims to confront radical anti-Western Islamists, it either supported groups just like them to overthrow secular nationalists or inadvertently cleared the way for their rise by undermining or overthrowing secular governments. Riding the Islamist horse may have seemed the best way to prosecute the Cold War in the Middle East and Central Asia. But to suggest the implications of this strategy were not fully thought through fails to capture the scale of the catastrophes that have ensued. As many analysts have noted, the rise of IS, and its predecessor organisation al-Qaeda in Iraq, was a direct result of the US’s destruction of Iraq’s sectarian balance and secular government after the invasion in 2003, consolidated by the subsequent occupation of the country.

Friday, June 22, 2018

மத்திய அரசாங்கத்திற்கு எதிராக மூச்சுவிட்டால் சிபிஐ ரெய்டு நடக்கும், அமலாக்கத்துறை வழக்கு தொடுக்கும் என்ற பீதியில் மாநில அமைச்சர்கள் உள்ளனர் - ஜி.ராமகிருஷ்ணன் PBM, #CPIM #ChennaiSalemHighway #நிலம்எங்கள்உரிமை @grcpim

गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब भाजपा नेताओं की आलोचना वाली खबरों को समाचार वेबसाइट्स द्वारा हटाया गया है. जुलाई 2017 में टाइम्स आॅफ इंडिया के अहमदाबाद एडिशन में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की संपत्ति में पांच सालों में 300 प्रतिशत इजाफा होने की खबर छपी थी. लेकिन अखबार की वेबसाइट द्वारा प्रकाशित किए जाने के कुछ घंटों में ही इसे हटा दिया गया. इसी तरह एक अन्य खबर, जहां केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने अपने हलफनामे में स्पष्ट किया था कि उन्होंने अब तक बी.कॉम का कोर्स पूरा नहीं किया है, भी बिना किसी स्पष्टीकरण के समाचार वेबसाइट्स से गायब हो गयी थी. यही खबर पिछले साल 29 जुलाई को ख़बर डीएनए अखबार के प्रिंट संस्करण और आउटलुक हिंदी की वेबसाइट पर छपी थी, लेकिन बाद में दोनों संस्थानों की वेबसाइट से बिना कारण बताए हटा दी गई. इसी तरह 14 सितंबर 2017 को टाइम्स आॅफ इंडिया के जयपुर संस्करण द्वारा नरेंद्र मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की आलोचना करती हुई एक ख़बर प्रकाशित की गई थी, लेकिन यह खबर अखबार की वेबसाइट पर प्रकाशन के कुछ घंटों बाद हटा दी गई. यहां गौर करने वाली बात है कि वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम इंडेक्स में भारत दुनिया में 136वें स्थान पर है. दिलचस्प है कि इस साल वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम दिवस पर टाइम्स ऑफ इंडिया और इकोनॉमिक टाइम्स द्वारा इस इंडेक्स में देश की रैंकिंग गिरने को लेकर एक रिपोर्ट हटा दी गयी थी. जब वेबसाइट न्यूज़लॉन्ड्री द्वारा इस बारे में टाइम्स ऑफ इंडिया की वेबसाइट के संपादक प्रसाद सान्याल से संपर्क किया गया तब कहा गया कि यह मीडिया संस्थानों के विशेषाधिकार के तहत आता है.

द वायर द्वारा इस खबर को वेबसाइट से हटाए जाने को लेकर विभिन्न संस्थानों से संपर्क किया गया. न्यू इंडियन एक्सप्रेस के एडिटोरियल डायरेक्टर प्रभु चावला ने यह मामला अख़बार के संपादक जीएस वसु पर टाल दिया. उन्होंने कहा, ‘अख़बार के संपादक सभी संपादकीय मामलों पर अंतिम निर्णय लेते हैं.’ द वायर ने न्यूज 18, फर्स्टपोस्ट और न्यू इंडियन एक्सप्रेस के संपादकों को भी सवाल भेजे हैं, लेकिन अब तक किसी की भी ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया है. उनके जवाब आने पर इस रिपोर्ट को अपडेट किया जाएगा.

मोदी जी कहते है कि देश भर में बिजली उन्होंने पंहुचा दी है । घरों में कब आयेगी ? साढ़े छह घंटे से बिजली ग़ायब है । सबका पसीना निकल रहा है । वैसे योगी जी केरल जाकर यूपी का हवाला देते हैं । पर नोयडा वो भूल जाते हैं ।

अमित शाह जिस सहकारी बैंक के निदेशक थे, नोटबंदी में वहां जमा हुई देश में सबसे ज्यादा करेंसी।अमित शाह के बेटे जय शाह की लूट के बाद अब अमित शाह प्रायोजित कालाधन छिपाओ योजना..?

Why Amit Shah is scared over demonitisation?

CPI (M) @cpimspeak The Great #Demonetisation ghost continues to haunt. After hurting hundreds of small & micro enterprises & taking lakhs of jobs, the already bleeding banks are set to land in the ICU. At the same time Amit Shah & Sons made a killing!

भारत को बैंक की कतार में लगाकर देश की कमर तोड़ी 'नोटबंदी' या 'नोटबदली' Old notes worth ₹3118.51Cr deposited in 5 days of DeMo in BJP controlled 11 District Co-op Banks in Guj ₹14293.71Cr deposited in Co-op banks in BJP+ ruled states